आखिर कौन है सत्य पुरुष का वर्तमान अवतार ?
SaviourOfTheWorld "सत्य पुरुष का वर्तमान अवतार"
जो सत्य साधना तथा तत्व ज्ञान का प्रचार परमेश्वर के पूर्वोक्त परमेश्वर के अवतार संत किया करते थे । जिससे आपसी प्रेम था, एक दूसरे के दुख में दुखी होते थे, असहाय व्यक्ति की मदद करते थे, वहीं शास्त्र विधि अनुसार साधना तथा वहीं आत्मिक यथार्थ ज्ञान संत रामपाल दास जी महाराज को परमेश्वर कबीर साहेब जी ने प्रदान किया है । मार्च 1977 को फाल्गुन मास की शुक्ल प्रथमा को दिन के दस बजे जिंदा महात्मा के रूप में सत्य लोक से आकर संत रामपाल दास जी महाराज को सतनाम तथा सारनाम दान करने का आदेश देकर अंतर्ध्यान हो गए ।
संत रामपाल दास जी महाराज की परमेश्वर (परम अक्षर ब्रह्म )के इन अवतारों में से एक हैं जो आध्यात्मिक ज्ञान के द्वारा अधर्म का नाश करते हैं । अब विश्व में शांति होगी । सर्व धर्म तथा पंथो के व्यक्ति एक होकर आपस में प्रेम से रहा करेंगे । राजनेता भी निर्भिमानी ,न्यायकारी तथा परमात्मा से डर कर कार्य करने वाले होंगे। जनता के सेवक बन कर निष्पक्ष कार्य किया करेंगे धरती पर पुन: सतयुग जैसी स्थिति होगी । वर्तमान में धरती पर वह अवतार संत रामपाल दास जी हैं । अब घर-घर में परमेश्वर के ज्ञान की चर्चा होगी जहां गांव व शहरों में तथा पार्को में बैठकर ताश खेलते हैं , कोई राजनीतिक बातें करता है , कोई अपने पुत्रों तथा पुत्र वधूओं की अच्छे या निकम्मे होने की चर्चा करते हैं वहां परमेश्वर की महिमा की चर्चा होगी तथा "ज्ञान गंगा" पुस्तक में लिखे ज्ञान पर विचार हुआ करेगा । परमात्मा की महिमा करने मात्र से भी पुण्य का भागी बनता है । फिर शास्त्रविधि अनुसार साधना करके जीवन सुखी बनाएंगे तथा आत्म कल्याण करायेंगे । धरती पर कलयुग में सतयुग जैसा समय आयेगा । संत रामपाल दास जी महाराज ही वर्त
जो सत्य साधना तथा तत्व ज्ञान का प्रचार परमेश्वर के पूर्वोक्त परमेश्वर के अवतार संत किया करते थे । जिससे आपसी प्रेम था, एक दूसरे के दुख में दुखी होते थे, असहाय व्यक्ति की मदद करते थे, वहीं शास्त्र विधि अनुसार साधना तथा वहीं आत्मिक यथार्थ ज्ञान संत रामपाल दास जी महाराज को परमेश्वर कबीर साहेब जी ने प्रदान किया है । मार्च 1977 को फाल्गुन मास की शुक्ल प्रथमा को दिन के दस बजे जिंदा महात्मा के रूप में सत्य लोक से आकर संत रामपाल दास जी महाराज को सतनाम तथा सारनाम दान करने का आदेश देकर अंतर्ध्यान हो गए ।
संत रामपाल दास जी महाराज की परमेश्वर (परम अक्षर ब्रह्म )के इन अवतारों में से एक हैं जो आध्यात्मिक ज्ञान के द्वारा अधर्म का नाश करते हैं । अब विश्व में शांति होगी । सर्व धर्म तथा पंथो के व्यक्ति एक होकर आपस में प्रेम से रहा करेंगे । राजनेता भी निर्भिमानी ,न्यायकारी तथा परमात्मा से डर कर कार्य करने वाले होंगे। जनता के सेवक बन कर निष्पक्ष कार्य किया करेंगे धरती पर पुन: सतयुग जैसी स्थिति होगी । वर्तमान में धरती पर वह अवतार संत रामपाल दास जी हैं । अब घर-घर में परमेश्वर के ज्ञान की चर्चा होगी जहां गांव व शहरों में तथा पार्को में बैठकर ताश खेलते हैं , कोई राजनीतिक बातें करता है , कोई अपने पुत्रों तथा पुत्र वधूओं की अच्छे या निकम्मे होने की चर्चा करते हैं वहां परमेश्वर की महिमा की चर्चा होगी तथा "ज्ञान गंगा" पुस्तक में लिखे ज्ञान पर विचार हुआ करेगा । परमात्मा की महिमा करने मात्र से भी पुण्य का भागी बनता है । फिर शास्त्रविधि अनुसार साधना करके जीवन सुखी बनाएंगे तथा आत्म कल्याण करायेंगे । धरती पर कलयुग में सतयुग जैसा समय आयेगा । संत रामपाल दास जी महाराज ही वर्त

Really. It is surprised. It will be good for human life.
ReplyDeleteRealky truth
ReplyDelete#True_Prophecies
ReplyDeleteधरती पर अवतार तुलसीदास जी (जय गुरुदेव मथुरा वाले) ने जो भविष्यवाणी 7 सितंबर 1971 को एक महापुरुष के बारे में की थी कि वह संत आज 20 वर्ष का हो चुका है उनका जन्म 8 सितंबर 1951 को हुआ वही संत रामपाल जी महाराज हैं देखें साधना टीवी चैनल 7:30 pm
Its surprised
ReplyDeleteKabir is god
ReplyDeleteVery nice
ReplyDelete*कबीर साहेब की लीलाओं मे से एक लीला यह भी*
ReplyDeleteइस लीला को पढ़कर.. आप रह जाओगे आश्चर्यचकित..
""कबीर साहेब द्वारा रामानंद जी के आश्रम मे दो रुप धारण करना""
एक दिन स्वामी रामानंद जी का कोई शिष्य कहीं पर सत्संग कर रहा था।कबीर साहेब वहां पर चले गए।वह ऋषि जी श्री विष्णु पुराण की कथा सुना रहा था।वह कह रहा था कि भगवान विष्णु जी सारी सृष्टि के रचनाकार हैं, यही पालन करता है,यही राम और कृष्ण रूप में अवतार आने वाली शक्तियां हैं, यह अजन्मा है, श्री विष्णु जी के कोई माता-पिता नहीं है। कबीर साहिब ने यह सारी चर्चा सुनी और सत्संग के उपरांत कबीर साहेब ने कहा ऋषि जी क्या मैं एक प्रश्न पूछ सकता हूं?ऋषि जी ने कहा कि हां बेटा पूछो वहां सैकड़ों की संख्या में भगत जन उपस्थित थे। कबीर जी ने कहा कि आप विष्णु पुराण से सत्संग सुना रहे थे कि श्री विष्णु जी परम शक्ति हैं,इन्हीं से ब्रह्मा और शिव की उत्पत्ति हुई है।ऋषि जी ने कहा कि मैं जो सुनाता हूं विष्णु पुराण में ऐसा ही लिखा हुआ है। कबीर साहिब ने कहा कि ऋषि जी मैंने तो आपसे संशय निवारण के लिए प्रार्थना की है आप क्षुब्ध मत होइए। एक दिन मैंने शिवपुराण सुना था। उसमें वह महापुरुष सुना रहे थे। कि भगवान शिव से विष्णु और ब्रह्मा की उत्पत्ति हुई।
देवी भागवत के तीसरे स्कंद में लिखा है कि देवी इन तीनों देवताओं की मां है। यह तीनों नाशवान है,अविनाशी नहीं है। ऋषि जी निरुत्तर हो गए। क्रोधित होकर बोले तू कौन है? किसका पुत्र है? कबीर साहेब से पहले ही दूसरे भगत जन कहने लगे कि यह तो नीरु जुलाहे का पुत्र है। स्वामी रामानंद जी का शिष्य कहने लगा कि तूने गले में कंठी कैसे डाल रखी है? तेरा गुरु कौन है? कबीर साहिब ने कहा कि मेरे गुरु वही हैं जो आपके गुरुदेव हैं। वह ऋषि बहुत क्रोधित हो गया तथा बोला कि रे नादान!! तू अछूत जुलाहे का बच्चा और मेरे गुरुदेव को अपना गुरु देव बताता है। मेरे गुरुदेव का पता है कौन है? श्री श्री 1008 पंडित रामानंद जी आचार्य तू जुलाहे का बालक वे तो तेरे जैसे अछूतों के दर्शन भी नहीं करते और तू कह रहा है। कि मैंने उनसे नाम दिया है। देख लो भाई भगत जनों यह झूठा कपटी है। अभी गुरुदेव के पास जाऊंगा और उनको तेरी सारी कहानी बताऊंगा तू छोटी जाति का बच्चा हमारे गुरुदेव की बेइज्जती करता है। कबीर साहिब बोले कि ठीक है गुरुदेव जी को बताओ । ऋषि ने जाकर श्री रामानंद जी को बताया कि गुरुदेव एक जुलाहा जाति का लड़का है उसने तो हमारी नाक की काट दी वह कहता है कि स्वामी रामानंद जी मेरे गुरु हैं। हे भगवान हमारा तो बाहर निकलना दूभर हो गया स्वामी रामानंद जी बोले कि कल सुबह उसको बुला कर लाओ कल देखना तुम्हारे सामने मैं उसको कितना दंड दूंगा।
Saint Rampal Ji had taken avatar on the land of Haryana.
ReplyDeleteसंत रामपाल जी महाराज जी ही वो अवतार है जिनके बारे में तुलसीदास जी ने भविष्यवाणी की थी।
ReplyDeleteAccording to Nostradamus that Chyren will form equal rules, equal regulations, and will not discriminate between men-women, rich-poor and castes and creeds; he will not let injustice happen to anyone.
Delete#True_Prophecies
ReplyDeleteThe Prophecies of all the Foretellers of the World e.g. Prahlad Bhagat in Janm Sakhi Bhai Bale Wali, Jaigurudev of Mathura, Nostradamus, Lady Florence of New Jersey America, Prof. Cheiro of England, Hungary's astrologer Boriska Silvigar, Dr. Zulvoron of France, American Charles Clark, Mr. Gerard Crise of Holland, American futurist Anderson, Jean Dixon of America, G. Vegilatin, talk about a "Greatman" (Mahapurush) who has taken birth in a Rural area in Northern Part of India and will bring a Spiritual Revolution in the Whole World.
Saint Rampal ji Maharaj is one of those incarnations of God who destroys unrighteousness through spiritual knowledge
According to Vedic philosophy, there are four yugas - Satyug, Tretayug, Dwaparyug and Kalyug. When there is a sole empire of sinners in the world, then God appears on earth in human form.
DeleteAccording to the path directed by Sant Rampalji Maharaj, there would be an environment of goodwill, mutual brotherhood, compassion and true (bhakti) devotion in the whole world.
ReplyDeleteAccording to an astrologer from Holland "Mr. Gerard Crise", great man from India would tie the whole world in a single bond of humanity and would forever eradicate violence, schism-misconduct and fraud etc from the world.
ReplyDeleteवो अवतार संत रामपाल जी महाराज जी ही है।
ReplyDeleteagar aap logone s.n 600 ki history padi to pata chalega ki God or avatar kya chij hAi...phir kabhi God or BABa Ke pichhe nhi lagege...padiye or logical sochiye 600 ke Dhram karnti history ko
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